बुधनी के समनापुर गांव में एक बार फिर बाघ

बुधनी के समनापुर गांव में एक बार फिर बाघ ने एक युवक पर शुक्रवार रात 1.30 बजे हमला कर दिया। युवक पत्नी और बच्चों के साथ खेत पर बनी टापरी में सो रहा था। युवक का सिर दीवार की तरफ था जबकि पैरों की तरफ से बाघ ने हमला किया।


गनीमत यह रही कि युवक राजू भील (35) पुत्र रतन भील अपने बच्चों के साथ रजाई ओढ़कर सो रहा था। राजू ने बताया कि हमने रजाई ओढ़ रखी थी जिससे बाघ के दांतों के घाव अधिक गहरे नहीं हुए। सिर दीवार की तरफ होने से पेट के ऊपरी हिस्से को बाघ नुकसान नहीं पहुंचा सका। उसने बताया कि बाघ ने कई बार उसे मारने का प्रयास किया लेकिन इस बीच जब पत्नी और बच्चे जोर से चिल्लाए तो बाघ आवाज सुनकर भाग गया। बाघ रजाई को खींचकर 100 मीटर दूर तक ले गया। घायल को 108 की मदद से बुधनी अस्पताल लाया गया, उसे प्राथमिक उपचार के बाद होशंगाबाद रेफर किया गया।


बुधनी के जंगली इलाके में मवेशियों और लोगों को शिकार बना रहे बाघ


बुधनी के इस जंगल में 3 से 4 बाघ काफी समय से देखे जा रहे हैं। पहले भी ये बाघ मवेशियों के अलावा लोगों को भी शिकार बना चुके हैं। शुक्रवार रात भी बाघ ने जिस टापरी को निशाना बनाया, वह जंगल से लगी हुई है। समनापुर गांव के पास 669 बीट की यह राजस्व विभाग की जमीन है जहां कुछ लोग टापरी बनाकर लंबे समय से रह रहे हैं। यह क्षेत्र जंगल से लगा होने के कारण यहां पर हमेशा खतरा बना रहता है।



सितंबर में भी बाघ ने हमला किया था
18 सितंबर 2019 को भी समनापुर में बाघ ने कुंवर सिंह (40) को शिकार बनाया था। यह युवक घर से बीड़ी लेने दुकान जा रहा था। बाघ उसे करीब 200 मीटर घसीटकर घने जंगल में ले गया था जहां पीठ की तरफ से बुरी तरह नोंच दिया था। दूसरे दिन वन अमले को  युवक का शव मिला था।


बाघ के साथ दो शावक भी
वन विभाग के एसडीओ मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि घायल को देखकर पहले ऐसा नहीं लग रहा था कि उस पर बाघ ने हमला किया होगा। उसके घाव को देखकर लग रहा था कि यह तेंदुआ हो सकता है। घायल युवक ने बताया कि उसने बाघ को अच्छे से देखा है। वह तेंदुआ नहीं था। भदौरिया ने बताया कि इस जंगल में काफी समय से बाघिन और इसके दो शावक हैं।